सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण

राष्ट्रीय
              BrahMos is a joint venture between DRDO and the NPOM of Russia. (File Photo)

खराब मौसम की स्थिति में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सोमवार को चांदीपुर स्थित इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से सफल प्रायोगिक परीक्षण किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सूत्रों ने बताया कि आईटीआर से मिसाइल को करीब 10:15 बजे प्रक्षेपित किया गया। इसने निर्धारित प्रक्षेपण पथ के रास्ते अपने मिशन के लक्ष्य को हासिल किया।
इसी साल 21 मई और 22 मई को ब्रह्मोस मिसाइल के दो परीक्षण किए गए थे। इनमें ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेश विकसित प्रमुख सब-सिस्टम का परीक्षण भी हुआ था। उस दौरान डीआरडीओ ने ब्रह्मोस मिसाइल की आयुसीमा 10 से 15 साल तक बढ़ाने के बाद परीक्षण किया था। ब्रह्मोस डीआरडीओ और रूस की एनपीओएम का एक संयुक्त उपक्रम है। यह मिसाइल भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल की जा चुकी है।

सुपरसोनिक ब्रह्मोस 290 किमी तक के क्षेत्र को कवर करेगी। यह मिसाइल कम समय में अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम बताई जा रही है। यह मिसाइल अवरोधक का भी काम करेगी। गतिशील शक्ति होने की वजह से यह मिसाइल लड़ाकू मिसाइल के तौर पर कामयाब साबित होगी।

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