व्यापार

1124 अंकों की बढ़त के साथ खुला डाउ जोंस, दुनियाभर के बाजारों में तेजी, फेडरल बैंक की असीमित बॉन्ड खरीद कार्यक्रम की घोषणा का असर

न्यूयॉर्क. सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए अमेरिकी बाजार मंगलवार को तेजी के साथ खुले। डाउ जोंस 6.05 फीसदी की बढ़त के साथ 1124 अंकों ऊपर खुला। इसी तरह अमेरिका के दूसरे बाजार नैस्डैक 5.10 फीसदी बढ़त के साथ 349 अंक और एसएंडपी 5.14 फीसदी बढ़त के साथ 114 पॉइंट ऊपर खुले। बाजार खुलते समय डाउ जोंस 19716, नैस्डैक 7210 और एसएंडपी 2352 पर कारोबार कर रहे थे। वहीं दुनिया के अन्य बाजारों की बात करें तो लगभग सभी बाजारों में मंगलवार को बढ़ते देखने को मिली। जापान का नेक्कई 1189 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि चीन का शंघाई कम्पोसिट 62 अंक और साउथ कोरिया के कोस्पी 127 अंकों की बढ़ते के साथ बंद हुए।

सोमवार को डाउ जोंस 518 अंक की गिरावट का साथ 18591 पर बंद हुआ था। जबकि नैस्डैक में 18 और एसएंडपी 500 में 67 अंकों की गिरावट रही। नैस्डैक 6,860 तो एसएंडपी 2237 अंकों पर बंद हुए।

8:00PM का अपडेट

  • डाउ जोंस 7.85 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1459 अंक ऊपर है और 20051 पर कारोबार कर रहा है।
  • नैस्डैक 6.29 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 431 अंक ऊपर है और 7292 पर कारोबार कर रहा है।
  • एसएंडपी 6.89 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 154 अंक ऊपर है और 2391 पर कारोबार कर रहा है।

7:00PM का अपडेट

7 बजे बाजार खुलते ही अमेरिका के सभी बाजारों में तेजी रही

बाजार में बढ़त के प्रमुख कारण

अर्थव्यवस्था को सहारा के देने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने असीमित बॉन्ड खरीद कार्यक्रम की घोषणा की। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में मांग बढ़ने की संभावना से एशिया में निवेशकों की भावनाओं में सुधार हुआ। वॉल स्ट्रीट और अन्य शेयर बाजार के लिए यह व्यापक पैकेज अभूतपूर्व है और यह संदेश है कि आर्थिक संकट को कम करने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा केंद्रीय बैंक जो बन पड़ेगा, करेगा। अन्य केंद्रीय बैंकों से ऋण और वित्तीय बाजारों के तनाव को कम करने के लिए ऐसे साहसिक उपायों की उम्मीद है।

भारत में उतार-चढ़ाव के साथ बंद हुआ सेंसेक्स
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को 1414 अंकों की बढ़त के साथ खुले। सेंसेक्स 5.58% या 1450.71 अंक और निफ्टी 4.91% या 373.35 पॉइंट ऊपर खुला। शुरुआती 45 मिनट के बाद बाजार में हल्का उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया। 35 मिनट के बाद बाजार फिर ऊपर चढ़ने लगा, जो बाजार के बंद होने तक बढ़त में रहा। सेंसेक्स ने 692.79 अंक या 2.67% की बढ़त के साथ 26,674.03 पर और निफ्टी ने 190.80 अंक या 2.51% की बढ़त के साथ 7,801.05 पर कारोबार खत्म किया। इससे पहले, सोमवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 3934.72 अंक गिरकर 25,981.24 पर और निफ्टी 1,135.20 पॉइंट नीचे 7,610.25 पर बंद हुआ था। यह सेंसेक्स के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है।

बीएसई पर करीब 55 फीसदी कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही

  • बीएसई का मार्केट कैप 103 लाख करोड़ रुपए रहा
  • 2,413 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 927 कंपनियों के शेयर बढ़त में और 1,334 कंपनियों के शेयर में गिरावट रही
  • 10 कंपनियों के शेयर 1 साल के उच्च स्तर और 1,081 कंपनियों के शेयर एक साल के निम्न स्तर पर रहे
  • 83 कंपनियों के शेयर में अपर सर्किट और 469 कंपनियों

बीएसई मेटल सेक्टर में 2.32% तक बढ़त
बीएसई मेटल सेक्टर में शामिल 10 कंपनियों में से 9 कंपनियों के शेयरों में 2.32% तक की बढ़त देखने को मिली। सबसे ज्यादा बढ़त नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड में रही। इसके शेयरों में 2.32% की बढ़त रही। वहीं, जिंदल स्टील के शेयरों में 2.09% की बढ़त रही। सबसे कम बढ़त टाटा स्टील के शेयर में 0.22% रही।

बीएसई ऑटो सेक्टर में आई बढ़त
सोमवार, 23 मार्च को ऑटो सेक्टर में जबरदस्त गिरावट आई थी, लेकिन आज ऑटो सेक्टर में बढ़त देखने को मिली। इसके 16 सेक्टर में से 10 में बढ़त और 6 में गिरावट रही। सबसे ज्यादा बढ़त 7.48% मारुति के शेयर में रही। वहीं, मदरसन सुमी सिस्टम के शेयरों में भी 5.71% की बढ़त रही। इसके साथ, आयशर मोटर्स, अपोलो टायर, बजाज ऑटो जैसी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल देखने को मिला।

सोमवार को हुआ था 14.22 लाख करोड़ का नुकसान
शेयर बाजार में सोमवार शुरुआती एक घंटे के कारोबार के दौरान निवेशकों की 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति डूब गई। इस दौरान बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक 10 प्रतिशत से अधिक टूट गए। सोमवार को निवेशकों को अब 14 .22 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। वहीं मार्च में अभी तक इन्वेस्टर्स का 42.46 लाख करोड़ रूपए डूबा है।

मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट से बाहर
कोरोनावायरस के कारण देश में वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। इसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार इस दौरान भारत के शीर्ष 14 अरबपतियों ने लगभग 4 लाख करोड़ रुपए गवाए हैं। मुकेश अंबानी भी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की टॉप 20 की लिस्ट से बाहर हो गए हैं। कोरोना के कारण इक्विटी बाजार में भारतीय निवेशकों का अभी तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आधे आकार के बराबर पैसा डूब चुका है। बीएसई के सभी सूचीबद्ध शेयरों का कुल बाजार 3 महीने में 52 लाख करोड़ रुपए नीचे आ गया है। यह 31 दिसंबर, 2019 को 155.53 लाख करोड़ रुपए था जो 23 मार्च, 2020 तक 103 लाख करोड़ रुपए रह गया। यह घाटा भारत के वित्तीय वर्ष 2020 के संशोधित वित्तीय घाटे से सात गुना ज्यादा है।

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Source: bhaskar.com

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