स्वास्थ्य

कोरोना के बाद चीन में सामने आया चूहे से फैलने वाला हंता वायरस, 8 सवालों से समझिए इसके लक्षण, बचाव और वजह

हेल्थ डेस्क. दुनियाभर में कोरोनावायरस के खौफ के बीच एक और वायरस हंटावायरस से संक्रमण का मामला सामने आया है। चीन के ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट करके बताया कि युनान प्रांत में हंटावायरस की वजह से एक शख्स की मौत हो गई। शख्स सोमवार को शैंगडॉन्ग प्रांत से युनान आया था। डब्ल्यूएचओ ने हंतावायरस से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए हैं जानिए क्या है यह वायरस और कैसे यह संक्रमित करता है…

#Q-1) क्या है हंता वायरस और कैसे फैलता है?
अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (सीडीसी) के मुताबिक, यह ऐसे समूह का वायरस जो खासतौर पर चीजों को कुतरने वाले जीवों (रोडेंट्स) से फैलताहै जैसे चूहे और गिलहरी। अमेरिका में इस वायरस को न्यू वर्ल्ड हंता वायरस और यूरोव व एशिया में ओल्ड वर्ल्ड हंता वायरस के नाम से जानाजाता है। यह हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम नाम की बीमारी की वजह है। हंता वायरस के कई प्रकार हैं जो रोडेंट्स की अलग-अलग प्रजातियों सेफैलते हैं। वायरस के वाहक चूहे के यूरिन, मल और लार के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो जाते हैं।

सीडीसी के मुताबिक, यह वायरस तीन तरह से फैलता है-

  • पहला: अगर वायरस का वाहक चूहा किसी इंसान को काट ले, हालांकि ऐसे मामले कम ही सामने आते हैं।
  • दूसरा : किसी जगह या चीज पर मौजूदचूहे का मल-मूत्र यालार के संपर्क मेंइंसान आता है और अपने नाक-मुंह को छूता है।
  • तीसरा : अगर इंसान ऐसी चीज खाता है जिस पर चूहे का मल-मूत्र या लार मौजूद हो।

#Q-2) कौन ज्यादा खतरनाक हंता वायरस या कोरोना?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, हंता वायरस हवा के जरिए नहीं फैलता फिरभी कोरोना वायरस के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है। अमेरिका के सेंटर फॉरडिसीज कंट्रोल के मुताबिक, हंता वायरस भी जानलेवा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनियाभर में कोरोना वायरस के कारण मौत काग्लोबल रेट सटीक तरह से पता लगने में कुछ वक्त लग सकता है। फिलहाल इसे 3-4% के बीच माना जा रहा है। वहीं, फरवरी में जारी रिपोर्टके मुताबिक नए कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित चीन में यह दर 3.8% थी जो अब 4% पार कर चुकी है। वहीं, अमेरिका में तेजी सेफैल रहे कोरोना वायरस का डेथ रेट 1.2% है। यानी कि कोरोना वायरस के इन्फेक्शन होने पर बचने के चांस काफी ज्यादा होते हैं।

वैज्ञानिकों ने अब तक हंतावायरस के 5 स्ट्रेन खोजे हैं, इनमें से सबसे ज्यादा खतरनाक अराराक्वॉरा वायरसहै जिसका इन्फेक्शन होने पर डेथ रेट54% पाया गया है। वहीं, एक दूसरा स्ट्रेन सिन नॉम्ब्रे वायरस है जिसके केस में डेथ रेट 40% है। तीसरा स्ट्रेन हंतान वायरस होता है। इसकाडेथ रेट 5-10% के बीच है। इन तीनों में से किसी से इन्फेक्शन होने पर मौत का खतरा कोरोना की तुलना में कहीं ज्यादा हो सकता है।

#Q-3) हंता वायरस कोरोना से कितना अलग है?
दोनों में एक बड़ा फर्क है कि कोरोना वायरस इंसान से इंसान में फैलता है जबकि हंता चूहों या गिलहरियों से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक,यदि कोई व्‍यक्ति चूहोंके मल, पेशाब आदि को छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसके हंता वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है।सेंटर फॉरडिसीज कंट्रोल के मुताबिक, यह आमतौर पर इंसान से इंसान में नहीं लेकिन चिली और अर्जेंटीना में इसके दुर्लभ मामले सामने आए थे। जिसमें संक्रमित मरीज से दूसरे इंसान में फैलने की बात सामने आई थी। यह हंता वायरस का एक प्रकार एंडेस वायरस था।

#Q-4) कैसे संक्रमित करता है हंता वायरस?
हंता वायरस व्यक्ति के चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों में होता है। इस वायरस केकारण चूहों में कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इस वायरस के कारण इंसानों की मौत हो जाती है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल केमुताबिक, घर में चूहों की मौजूदगी इस वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ाती है।

#Q-5) कैसे पहचानें कि हंता वायरस से संक्रमित हैं?
तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, पेट में दर्द, उल्टी, डायरिया जैसे लक्षण संक्रमण का इशारा करते हैं। 4 से 10 दिन के अंदरसंक्रमण की गंभीरता बढ़ती है औरसांस लेने में तकलीफ होती हैऔर फेफड़ों में पानी भरने लगता है। लक्षण बरकरार रहने पर मौत भी हो सकती है।चीन में भी मौत से पहले पीड़ित में ऐसे ही लक्षणनजर आए थे।हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का वक्तलग सकता है।

#Q-6) चूहे की कौन सी प्रजाति हंता वायरस का वाहक है?

डियर माउस

सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, चूहों की चार प्रजातियां ऐसी हैं जो हंता वायरस का वाहक हैं। इनमें सबसे अहम हैं अमेरिका में पाया जाने वाला डियर माउस। यह आम चूहों के मुकाबले थोड़ा छोटा होता है। इसके शरीर की लंबाई 2-3 इंच होती है। शरीर के मुकाबले इसकी आंख और कान बड़े होते हैं। साथ शरीर पर बाल अधिक होते हैं। अन्य तीन प्रजातियों में कॉटन रैट, राइस रैट और व्हाइट फूटेड माउस शामिल हैं।

#Q-7) किस तरह के इलाके में वायरस का खतरा अधिक?

सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों जहां पेड़-पौधे अधिक हैं वहांहंता वायरस के फैलने का खतरा अधिक होता है।

#Q-8)क्या इसकी कोई वैक्सीन है?
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, अब तक इसकी वैक्सीन तैयार नहीं हो सकी है और न ही कोई तय इलाज है। ऐसे मरीजों को विशेष केयर की जरूरत होती है और ऑक्सीजन थैरेपी दी जाती है। जितनी जल्दी मामला पकड़ में आता है उतना ही बेहतर है।

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China Hantavirus Latest vs Novel Coronavirus (COVID-19): Know the Hantavirus Signs, Hantavirus Causes and Symptoms of Hantavirus Infection

Source: bhaskar.com

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