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शाह बन सकते हैं वित्त मंत्री, गोयल भी रेस में; जेटली ने वित्त सचिव से मुलाकात की

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Dainik Bhaskar

May 24, 2019, 09:37 PM IST

  • पिछले साल मई में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से जेटली का स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक नहीं
  • जेटली अंतरिम बजट भी पेश नहीं कर पाए थे, पीयूष गोयल ने यह जिम्मेदारी निभाई
  • जेटली की बीमारी के चलते गोयल ने दो बार वित्त मंत्रालय संभाला था

नई दिल्ली. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अरुण जेटली (66) वित्त मंत्री का पद संभालने से इनकार कर सकते हैं। सेहत खराब होने की वजह से जेटली यह फैसला ले सकते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ घर पर मुलाकात की। इस बैठक में वित्त सचिव एससी गर्ग भी मौजूद थे। 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 4 सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक वरिष्ठ मंत्री के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को वित्त मंत्रालय दिया जा सकता है। पीयूष गोयल के नाम पर भी विचार किया जा सकता है। जेटली की बीमारी के वक्त गोयल पहले भी दो बार वित्त मंत्रालय संभाल चुके हैं।

जेटली तीन सप्ताह से दफ्तर नहीं जा पाए: सूत्र

सूत्र ने बताया कि जेटली की सेहत पिछले कुछ सप्ताह से खराब है। उन्हें कुछ टेस्ट के लिए एम्स में भर्ती भी किया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए यूके और यूएस जाने की सलाह दी है। वे बीते तीन सप्ताहों से दफ्तर नहीं गए हैं। 

जेटली ऐसी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं जिसमें तनाव कम हो: रिपोर्ट

  1. रॉयटर्स के मुताबिक एक सूत्र ने कहा- यह तय है कि जेटली वित्त मंत्री का पद नहीं लेंगे। यह हो सकता है कि वो कोई ऐसी भूमिका संभालें जिसमें तनाव कम हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद जेटली पार्टी में तीसरे नंबर पर माने जाते हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद भाजपा कार्यालय में गुरुवार को हुए कार्यक्रम में वो नजर नहीं आए। जेटली 2 हफ्ते से सार्वजनिक तौर पर नहीं देखे गए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वो सक्रिय हैं। उन्होंने मोदी और पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत की बधाई का मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

  2. पिछले साल मई में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से जेटली का स्वास्थ्य पूरी तरह सही नहीं है। फरवरी में वो अंतरिम बजट भी पेश नहीं कर पाए थे। उस वक्त जेटली अमेरिका में इलाज करवा रहे थे। उनकी जगह पीयूष गोयल ने बजट पेश किया था।

  3. वकालत से राजनीति में आए जेटली कई बार भाजपा के संकटमोचक की भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने कई विवादित नीतियों पर सरकार का बचाव किया। मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद जेटली को तीन मंत्रालयों- वित्त, रक्षा और सूचना एवं प्रसारण की जिम्मेदारी सौंपी थी।

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Source: bhaskar.com

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