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लिवरपूल 14 साल बाद चैम्पियन बना, छठी बार खिताब जीता; टॉटेनहैम को 2-0 से हराया

  • लिवरपूल पिछली बार 2005 में मिलान को हराकर चैम्पियन बना था
  • सालाह ने चैम्पियंस लीग फाइनल का दूसरा सबसे तेज गोल (दूसरे मिनट) किया
  • सालाह चैम्पियंस लीग के फाइनल में गोल करने वाले मिस्र के पहले फुटबॉलर

खेल डेस्क. चैम्पियंस लीग के फाइनल में लिवरपूल ने टॉटेनहैम हॉटस्पर को 2-0 से हरा दिया। उसने छठी बार खिताब अपने नाम किया। लिवरपूल 14 साल बाद चैम्पियन बना। पिछली बार 2005 में इटली के क्लब मिलान को हराकर उसने खिताब अपने नाम किया था। स्पेन के शहर मैड्रिड के वांदा मेट्रोपोलितानो स्टेडियम पर खेले गए इस मुकाबले में लिवरपूल के लिए मोहम्मद सालाह और डिवॉक ओरिगि ने गोल किया।

सालाह ने दूसरे मिनट में पेनल्टी पर गोल किया। इसके बाद ओरिगि ने 87वें मिनट में दूसरा गोल दाग दिया। सालाह ने चैम्पियंस लीग फाइनल का दूसरा सबसे तेज गोल (दूसरे मिनट) किया। सबसे तेज गोल करने का रिकॉर्ड पाओलो माल्दिनी के नाम है। उन्होंने 2005 में मिलान की ओर से खेलते हुए लिवरपूल के खिलाफ गोल किया था।

SALAH

क्लोप ने मैनेजर के तौर पर पहली बार चैम्पियंस लीग जीता

लिवरपूल के मैनेजर/कोच जोर्गन क्लोप चैम्पिंयस लीग जीतने वाले लिवरपूल के चौथे मैनेजर/कोच बन गए। उनकी कोचिंग में पहली बार कोई टीम चैम्पियन बनी। क्लोप से पहले बॉब पेस्ले, जोए फगान और राफा बेनित्ज की कोचिंग में लिवरपूल फाइनल जीता था।

सालाह फाइनल में गोल करने वाले मिस्र के पहले फुटबॉलर

सालाह चैम्पियंस लीग के फाइनल में गोल करने वाले मिस्र के पहले फुटबॉलर बने। वे फाइनल में गोल करने वाले पांचवें अफ्रीकी फुटबॉलर हैं। टॉटेनहैम के सिसोको ने सादियो माने को पहले मिनट में पेनल्टी एरिया में गिरा दिया, जिसके बाद लिवरपूल को पेनल्टी मिल गई।

9 साल बाद विपक्षी से कम पजेशन रखने वाली टीम विजेता बनी
लिवरपूल का इस मैच में 35.4% बॉल पजेशन था। वह 2010 के बाद फाइनल जीतने वाली पहली ऐसी टीम है, जिसका बॉल पजेशन विपक्षी टीम से कम रहा। पिछली बार जोस मॉरिन्हो की कोचिंग में इंटर मिलान ने बायर्न म्यूनिख को हराया था।

11 साल बाद इंग्लैंड के दो क्लब के बीच फाइनल हुआ

टॉटेनहैम की टीम पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी। यूरोप के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट में 11 साल बाद इंग्लैंड के दो क्लब के बीच फाइनल हुआ। पिछली बार 2008 में चैम्पियंस लीग के खिताबी मुकाबले में मैनचेस्टर यूनाइटेड और चेल्सी की टीम आमने-सामने थीं। लिवरपूल की टीम लगातार दूसरे साल और कुल 9वीं बार फाइनल में पहुंची थी। पिछले साल उसे स्पेन के क्लब रियाल मैड्रिड ने हरा दिया था।

2000 के बाद से पहली बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम चैम्पियन नहीं बनी
टॉटेनहैम की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी। पिछले पांच मौकों पर पहली बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम को हार का सामना करना पड़ा था। इनमें चेल्सी (2008), आर्सेनल (2006), मोनाको (2004), बायर लेवरकुसेन (2002) और वेलेंसिया (2000) की टीमें शामिल हैं। अब इस लिस्ट में टॉटेनहैम का नाम भी जुड़ गया।

Source: bhaskar.com

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