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मोदी ने कहा- यहां हमारा खाता भी नहीं खुला और जनता का आभार जताने आया हूं, ये हमारे संस्कार हैं

  • प्रधानमंत्री मोदी ने 5 हजार साल पुराने गुरुवायुरप्पन मंदिर में पूजा की
  • जनसभा में कहा- हार-जीत के लिए राजनीति में नहीं आए, वाराणसी की तरह केरल भी मेरा अपना है
  • मोदी रविवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा करेंगे

तिरुवनंतपुरम. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के त्रिशूर स्थित गुरुवायुरप्पन (श्रीकृष्ण) मंदिर में पूजा-अर्चना की। यहां वे मंदिर की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। भाजपा कार्यकर्ताओं की ‘अभिनव सभा’ में उन्होंने कहा कि हम लोकसभा चुनाव में सिर्फ राजनीति के लिए मैदान में नहीं थे, बल्कि जनसेवा हमारा लक्ष्य है। भले ही यहां हमारा खाता नहीं खुला, लेकिन जनता का आभार जताने के लिए आया हूं। ये हमारी सोच और संस्कार हैं।

मोदी ने कहा, ”चाहे गुरुवायूर हो या द्वारकाधीश। हम गुजरात के लोगों का आपसे खास रिश्ता है। यहां के नागरिकों का अभिनंदन करता हूं। आपने लोकतंत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राजनीतिक दल और पॉलिटिकल पंडित जनता के मिजाज को नहीं पहचान पाए। सर्वे एजेंसी भी इधर-उधर होती रहीं, लेकिन जनता ने अपना मत दिया। कई पंडितों को विचार आता होगा कि केरल में मोदी का खाता भी नहीं खुला और लोगों को धन्यवाद देने केरल आए हैं, लेकिन ये हमारे संस्कार हैं।”

जीत के बाद 130 करोड़ जनता की जिम्मेदारी

  • प्रधानमंत्री ने कहा, ”जिन्होंने हमें जिताया और जो चूक गए वे भी हमारे हैं। केरल भी मेरा उतना ही अपना है, जितना वाराणसी है। जीत के बाद देश के 130 करोड़ नागरिकों की जिम्मेदारी हमारी है। भाजपा के कार्यकर्ता सिर्फ चुनावी राजनीति के लिए मैदान में नहीं होते। हम लोग 365 दिन अपने राजनीतिक चिंतन के आधार पर जनता की सेवा में जुटे रहते हैं। हम सिर्फ सरकार नहीं देश बनाने आए हैं।”
  • ”केरल हेरिटेज टूरिज्म का बहुत बड़ा डेस्टिनेशन है। हम इसे जितनी ताकत दें, केरल के टूरिज्म के लिए बेहतर होगा। टूरिज्म रोजगार की संभावनाएं लेकर आता है। भाजपा और एनडीए सरकार ने टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई इनिशिएटिव लिए। टूरिज्म पावर रैंकिंग में भारत तीसरे नंबर पर पहुंच गया। टूरिज्म कोे बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने केरल में सात प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।”
  • ”नागरिकों से अपील है कि निपाह वायरस से निपटने के लिए स्वच्छता के प्रति और ज्यादा सजग रहें। गरीबों को बीमारी के कारण घर न बेचना पड़े, इसके लिए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना चलाई है। लेकिन दुर्भाग्य से वो लाभ केरल के लोगों को नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ने इस योजना को चलाने से इनकार कर दिया है। मैं केरल सरकार से आग्रह करुंगा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ दे ताकि बीमारी से निपटा जा सके।”

2008 में भी गुरुवायुरप्पन मंदिर गए थे मोदी

अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी करीब एक घंटे तक मंदिर में रुके। उन्होंने घी, लाल केला (कथली), कमल फूल के साथ ‘तुलाभरम’ और कई अन्य चीजों का चढ़ावा चढ़ाया। इससे पहले 2008 में मोदी ने इस मंदिर का दौरा किया था, जब वह दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। मोदी अपने दूसरे कार्यकाल के पहले विदेश दौरे पर केरल से ही मालदीव और श्रीलंका रवाना हो जाएंगे। रविवार को लौटते हुए आंध्र प्रदेश भी जाएंगे और तिरुपति मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करेंगे।

5 हजार साल पुराना है गुरुवायुरप्पन मंदिर

गुरुवायूर शहर में स्थित गुरुवायुरप्पन मंदिर करीब 5 हजार साल पुराना है। इसे दक्षिण की द्वारिका भी कहा जाता है। यहां भगवान श्रीकृष्ण विराजमान हैं। पौराणिक मान्यता के मुताबिक, मंदिर का निर्माण वृहस्पति ने किया था। 1638 में इसके कुछ हिस्से का पुनर्निमाण किया गया था। खास बात ये है कि इस मंदिर में हिंदुओं के अलावा दूसरे धर्मों के लोग प्रवेश नहीं कर सकते हैं।

Source: bhaskar.com

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