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मोदी ने अफसरों से कहा- हर मंत्रालय के लिए 5 साल का प्लान तैयार हो, 100 दिन में योजनाओं को मंजूरी मिले

  • मोदी ने कहा- भारत का उद्देश्य पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य प्राप्त करना
  • ‘जनता की इतनी ज्यादा उम्मीदों को हमें चुनौती की तरह नहीं बल्कि मौके की तरह लेना चाहिए’

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच साल की योजनाओं को लेकर सोमवार को सभी मंत्रालयों के शीर्ष नौकरशाहों (सचिव) के साथ बैठक की। मोदी ने सभी से कहा कि जनता ने हमें बदलाव और विकास के लिए बहुमत दिया है। हमें लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर फोकस करना होगा। अब हर मंत्रालय के लिए पांच साल का प्लान तैयार करना होगा। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

मोदी ने कहा, ‘‘भारत का उद्देश्य पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य प्राप्त करना है, जिसके लिए एक रोडमैप तैयार करना होगा। जनता ने हमें दोबारा बहुमत दिया है, इसका पूरा श्रेय उन प्रशासनिक अधिकारियों को जाता है जिन्होंने ईमानदारी के साथ बीते पांच साल में सरकार के विभिन्न लक्ष्यों को पूरा किया है। इस बार केंद्र सरकार गरीबी उन्मूलन तथा पानी से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देगी।’’

प्रत्येक विभाग केंद्र सरकार की तरह काम करता है
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘प्रत्येक मंत्रालय अपनी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण फैसले ले और उन्हें 100 दिन के अंदर मंजूर भी करें। जनता की इतनी ज्यादा उम्मीदों को हमें चुनौती की तरह नहीं बल्कि मौके की तरह लेना चाहिए। भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रत्येक विभाग केंद्र सरकार और हर एक जिला राज्य सरकार की तरह भूमिका निभाता है। मेक इन इंडिया के लिए सभी को मिलकर पूरी ईमानदारी के साथ काम करना होगा, तभी जनता में हमारे प्रति दोबारा विश्वास बन सकेगा।’’

सचिवों ने अपने विचार साझा किए
मोदी ने अधिकारियों से प्रशासन में टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की, जिससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार कम होगा। उन्होंने सचिवों से देशभर में आकांक्षी जिलों को महत्व देने के लिए कहा। बैठक में विभिन्न विभागों के सचिवों ने एडमिनिस्ट्रेटिव डिसीजन मेकिंग, एग्रीकल्चर, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, सूचना-प्रौद्योगिकी पहल, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य देखभाल, औद्योगिक नीति, आर्थिक सुधार कौशल विकास जैसे विषयों पर अपने विचारों को साझा किया।

Source: bhaskar.com

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