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विराट 40+ रन बनाएं तो भारत 90% मैच जीतता है, आमिर के 5 विकेट लेने पर भी पाक हार जाता है

  • भारत ने इस साल 18 मैच खेले, 1 मैच रद्द हुआ; पाक ने 19 मैच खेले, 1 रद्द हुआ, 1 बेनतीजा रहा
  • भारत ने 8 वनडे में पहले बल्लेबाजी की, 5 में जीता; पाक ने 9 वनडे में पहले बैटिंग की, 1 में ही जीत मिली

नई दिल्ली. वर्ल्ड कप में रविवार को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड ग्राउंड पर भारत-पाकिस्तान के बीच मैच होगा। 20 साल बाद दोनों टीमें इस ग्राउंड पर भिड़ेंगी। इससे पहले दोनों टीमें 1999 के वर्ल्ड कप में यहां पर खेली थीं। उस मैच में भारत 47 रन से जीता था। इस साल भारत ने 17 और पाकिस्तान ने 18 मैच खेले। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने 10 मैचों में 40 से ज्यादा रन बनाए, इनमें से भारत को 9 मैचों में जीत मिली। वहीं, पाकिस्तान का इस साल का ट्रेंड बताता है कि उसके नंबर-1 गेंदबाज मोहम्मद आमिर के 5 विकेट लेने पर भी टीम मैच हार जाती है। पाकिस्तान के टॉप स्कोरर बल्लेबाज इमाम उल हक के रन बनाने पर भी टीम 63% मैच हार जाती है।

2019 में भारत की जीत के सूत्र

कोहली के 40+ रन : कोहली ने इस साल खेले 15 में से 10 मैचों में 40 से ज्यादा रन बनाए। इनमें से 9 में भारत को जीत मिली। यानी कोहली रन बनाए तो भारत 90% मुकाबले जीतता है।

धोनी का नाबाद रहना : धोनी जब भी नाबाद रहकर 50 के आसपास रन बनाते हैं तो भारत 100% मैच जीतता है। उन्होंने इस साल 6 मैचों में 40 से ज्यादा रन बनाए। इनमें चार पारियों में वे नाबाद रहे। सभी में भारत को जीत मिली।

मिडिल ओवरों में 150 से ज्यादा रन: भारतीय बल्लेबाजों ने इस साल जितने मैचों में मिडिल ओवरों में 150 से ज्यादा रन बनाए, उनमें 67% मैचों में भारत को जीत मिली। ऐसे 9 मैच रहे, भारत ने 6 जीते।

मिडिल ओवरों में विपक्षी टीम के कम से कम 5 विकेट लेना :  मिडिल ओवरों में जब भी भारतीय गेंदबाज 5 या इससे ज्यादा विकेट लेते हैं, भारत 100% मैच जीतता है। 17 मैचों में से 8 में भारतीय गेंदबाजों ने मिडिल ओवर में विपक्षी टीम के 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए। सभी में भारत को जीत मिली।

पहले पावरप्ले में 40 से कम रन देना : जिन मैचों में भारतीय गेंदबाजों ने पहले पावरप्ले में 40 से कम रन दिए, उनमें वह 100% मैच जीता। ऐसे 5 मुकाबले रहे। इनमें से चार में भारतीय गेंदबाजों ने 2-2 और एक में 1 विकेट लिया।

भारत कब-कब हारा

100 रन बनाने में 3 या इससे ज्यादा विकेट गंवाना : जिन मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाज 100 रन बनाने में 3 या इससे ज्यादा विकेट खो देते हैं, उनमें हार की संभावना बढ़ जाती है। इस साल 9 मैचों में ऐसी स्थिति बनी। भारत इनमें से 5 हारा।

पहला विकेट जल्द गिर जाना : 11 मैचों में भारत की ओपनिंग साझेदारी 21 या इससे कम रन की रही। इनमें 5 मैच में टीम को हार मिली। यानी भारतीय टीम ऐसे 46% मैच हारी।

पाकिस्तान की हार के बड़े कारण
 

40 रन के अंदर पहला विकेट गंवाना : पाकिस्तान ने इस साल खेले 17 में से 12 मैचों में अपना पहला विकेट 40 रन के अंदर ही गंवा दिया और ये सारे मैच टीम हार गई। इसी तरह से दूसरे विकेट के लिए उसके बल्लेबाजों के बीच 15 मैचों में 100 रन से कम की पार्टनरशिप हुई, उनमें से 12 मैच पाकिस्तान हारी है।

पहले पॉवरप्ले में विकेट नहीं ले पाना : पाक की टीम पहले पॉवरप्ले (1-10 ओवर) में औसतन 58 रन देती है जबकि 0.8 विकेट ही ले पाती है। 12 मैचों में पाक के गेंदबाजों ने पहले पॉवरप्ले में 0 या 1 विकेट ही लिए हैं और इनमें से 92% मैचों में उसे हार मिली है। 

प्रमुख गेंदबाजों का भी खराब प्रदर्शन : पाकिस्तान के तीन प्रमुख गेंदबाज- हसन अली, मोहम्मद आमिर, शादाब खान और एक ऑलराउंडर मोहम्मद हाफिज वर्ल्ड कप की मौजूदा टीम में भी हैं। हसन अली ने 17 में से 10, मोहम्मद आमिर ने 7, शादाब खान ने 6 और मोहम्मद हाफिज ने 6 मैचों में गेंदबाजी की, लेकिन सभी मिलकर 27 विकेट ही ले पाए हैं। मोहम्मद आमिर ही पाक के इकलौते ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने एक बार 3 और एक बार 5 विकेट लिए हैं। हालांकि, उसके बाद भी पाक को हार का ही सामना करना पड़ा है।

250 रन से ज्यादा का लक्ष्य मिलना : पाकिस्तान ने पिछले 17 मैचों में से 9 में पहले बल्लेबाजी की है जिसमें से 5 बार उसने 250 से ज्यादा का स्कोर बनाया है, लेकिन इनमें से एक ही मैच जीत सकी है। इसी तरह से दूसरी बैटिंग करते हुए 9 में से 6 बार पाकिस्तान को 250 से ज्यादा का लक्ष्य मिला है लेकिन पाक की टीम दो बार जीती है। 

तेजी से विकेट गंवाना : पाक की टीम 11 मैचों में 5 या उससे ज्यादा विकेट गंवा चुकी है और इनमें से दो में ही जीत पाई। जबकि, 5 मैचों में टीम ऑलआउट हो गई और ये सभी मैच उसने हारे। यानी, पाकिस्तान की टीम अगर ऑलआउट होती है तो वह 100% मैच हारती है।

Source: bhaskar.com

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