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राहुल भाटिया ग्रुप का राकेश गंगवाल को जवाब- पान की दुकान ने अच्छा ही काम किया

  • हाल ही में प्रमोटर राकेश गंगवाल ने कहा था- पान की दुकान भी इससे बेहतर तरीके से चलती है
  • गंगवाल ने को-फाउंडर राहुल भाटिया पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए
  • डीजीसीए ने इंडिगो के अधिकारियों को सुरक्षा मानकों में कमी होने के मामले पर नोटिस जारी किया 

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 08:56 PM IST

नई दिल्ली. इंडिगो एयरलाइन के प्रमोटरों के बीच जारी विवाद ने शुक्रवार को नया मोड़ लिया। राहुल भाटिया समूह के द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया कि कंपनी अच्छी हालत में है। सभी ऑपरेशन अच्छे प्रबंधकों की देख-रेख में बेहतर ढंग से संचालित हो रहे हैं।

दरअसल, मंगलवार को कंपनी के प्रमोटर राकेश गंगवाल (66) ने को-फाउंडर राहुल भाटिया (58) पर गंभीर गड़बड़ियों (गवर्नेंस लेप्सेज) के आरोप लगाए थे। गंगवाल ने कहा था- कंपनी अपने सिद्धांतों और संचालन के मूल्यों से भटक चुकी है। एक पान की दुकान इससे ज्यादा बेहतर तरीके से मामलों को सुलझा सकती है। 

इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन- रिपोर्ट

इसी के जवाब में भाटिया ने कहा- पान की दुकान ने अच्छा काम ही किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। 2004 में राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया ने इसकी स्थापना की थी। उड़ान 4 अगस्त 2006 को शुरू हुई थी।

कामकाज प्रभावित नहीं होगा- सीईओ

  1. सीईओ रॉनजॉय दत्ता ने बुधवार को कर्मचारियों को पत्र लिखा। उन्होंने कहा- प्रमोटरों का विवाद कभी ना कभी सुलझ जाएगा। मगर, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इससे एयरलाइन का लक्ष्य और कामकाज प्रभावित नहीं होगा। अपना काम सामान्य तरीके से करते रहें।

  2. डीजीसीए ने एग्जीक्यूटिव्स को नोटिस दिया

    डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की स्पेशल ऑडिट टीम ने 8-9 जुलाई को इंडिगो के गुरुग्राम स्थित कार्यालय का निरीक्षण किया था। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को डीजीसीए ने एयरलाइन एग्जीक्यूटिव्स को नोटिस जारी किए। इनमें ट्रेनिंग चीफ कैप्टन संजीव भल्ला, फ्लाइट सेफ्टी चीफ कैप्टन हेमंत कुमार, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशन कैप्टन आशिम मित्रा और कैप्टन राकेश श्रीवास्तव का नाम शामिल।

  3. कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा: गंगवाल

    गंगवाल ने कुछ रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस (आरपीटी) पर सवाल उठाते हुए कहा कि शेयरहोल्डर्स के एग्रीमेंट से भाटिया को इंडिगो पर असामान्य नियंत्रण का अधिकार मिल गया है। संचालन से जुड़े मलूभूत नियम और कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा। तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नतीजे दुर्भाग्यपूर्ण होंगे।

  4. गंगवाल ने इंडिगो के बोर्ड को पत्र लिखकर 12 जून को ईजीएम रखने की मांग की थी लेकिन, भाटिया ने प्रस्ताव का विरोध किया था। भाटिया ने कंपनी के बोर्ड से कहा था कि गंगवाल ईगो हर्ट होने की वजह से ऐसी बातें कर रहे हैं। उनकी गैर-वाजिब मांगों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

  5. भाटिया ने 12 जून को लिखे पत्र में आरोप लगाए कि गंगवाल हिडन एजेंडे के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने एक पैकेज का प्रस्ताव दिया था। वे रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस के मुद्दे पर अलग से बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। बता दें राकेश गंगवाल की इंडिगो में 37% और राहुल भाटिया की 38% हिस्सेदारी है।

Source: bhaskar.com

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