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फेसबुक पर 34 हजार करोड़ रु. का जुर्माना, यह कंपनी के मार्केट कैप का करीब 1%

  • अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने जांच के बाद 2 के मुकाबले 3 वोटों से जुर्माने की सहमति दी
  • एफटीसी ने कहा- यूएस में यह उपभोक्ताओं की निजता के उल्लंघन के मामले में लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना
  • एफटीसी ने फेसबुक को यूजर्स के डेटा की प्राइवेसी और सुरक्षा में चूक का दोषी पाया

Dainik Bhaskar

Jul 24, 2019, 10:02 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने फेसबुक पर निजता के उल्लंघन के मामले में 5 बिलियन डॉलर यानी करीब 34 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। कमीशन के मुताबिक, अमेरिका में निजता के उल्लंघन के मामले में किसी कंपनी पर लगाया गया, यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है। हालांकि, यह जुर्माना फेसबुक की कुल मार्केट कैप करीब 35 लाख करोड़ रुपए का करीब 1% है। मार्च 2018 में फेसबुक के डेटा लीक का सबसे बड़ा मामला सामने आया था। एफटीसी ने फेसबुक को यूजर्स के डेटा की प्राइवेसी और सुरक्षा में चूक का दोषी पाया है।

फेसबुक में स्वतंत्र प्राइवेसी कमेटी बनाई जाएगी- एफटीसी

  1. एफटीसी के चेयरमैन जो सिमंस ने कहा कि फेसबुक लगातार वादा कर रहा था कि वह दुनियाभर में इस पर नियंत्रण करने की कोशिश करेगा कि उसके यूजर्स की निजी जानकारी किस तरह से शेयर की जाए। लेकिन, फेसबुक ने यूजर्स को निराश किया।

  2. सिमंस ने कहा- एफटीसी के इतिहास में 5 बिलियन डॉलर का यह जुर्माना अभूतपूर्व है। यह जुर्माना इसलिए लगाया गया है ताकि भविष्य में होने वाले उल्लंघनों को रोका जा सके। इसके अलावा निजता को लेकर फेसबुक की लगातार उल्लंघनों की संस्कृति को बदला जा सके।

  3. “जुर्माने के अनुबंध में साफ किया गया है कि फेसबुक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के बीच एक स्वतंत्र प्राइवेसी कमेटी बनाई जाएगी, जो यूजर की निजता से जुड़े फैसलों पर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का नियंत्रण खत्म कर देगी।”

  4. कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक के बाद जकरबर्ग की संसद में पेशी हुई थी

    ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका को डेटा लीक करने के मामले में फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग की अमेरिकी संसद में भी पेशी हुई थी। उसके बाद एफटीसी ने जांच शुरू कर दी थी।

  5. फेसबुक ने अपने खिलाफ जांच शुरू होने के बाद ही कानूनी समझौते के लिए 3 से 5 अरब डॉलर के सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था। एफटीसी ने भी मामले की जांच खत्म करने के लिए इन्हीं शर्तों के तहत कंपनी पर जुर्माने की रकम तय की। हालांकि, फैसला देने वाले कमीशन के दो सदस्यों ने कहा कि जुर्माने की रकम 5 बिलियन डॉलर से ज्यादा होनी चाहिए।

  6. क्या था कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक विवाद?

    ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजर्स का डेटा हासिल किया था। फेसबुक को इस बात की जानकारी थी। कैंब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया था। एफटीसी के अलावा अमेरिकी शेयर बाजार का रेग्युलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस भी जांच कर रहे हैं।

  7. गूगल पर 2 साल में लगा 62 हजार करोड़ का जुर्माना

    इससे पहले यूरोपियन यूनियन दो साल के भीतर गूगल पर 8.2 बिलियन यूरो यानी करीब 62 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना लगा चुका है। यह जुर्माना ऑनलाइन एडवर्टाइजिंग में अपने एकाधिकार के गलत इस्तेमाल के लिए लगाया गया था। इससे पहले ब्रिटिश पेट्रोलियम पर समुद्र में तेल रिसाव के मामले में 20.8 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.36 लाख करोड़ का जुर्माना लगाया गया था।

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Source: bhaskar.com

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