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पुलवामा के आतंकी हमले से पहले कब-कब हुए बड़े धमाके पढ़े |

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में सबसे बड़े आतंकी हमले को लेकर देश में चारों ओर आक्रोश की लहर है। इस आतंकी हमले को अंजाम देने के पीछे जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास का नाम सामने आ रहा है। आदिल अहमद, जिसने करीब 350 किलोग्राम विस्फोट से भरी स्कॉर्पियो को सीआरपीएफ जवानों से भरी बस में टक्कर मारी।

पुलवामा के बड़े आतंकी हमले ने बीते कुछ सालों में हुए धमाकों की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं। 2008 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार आतंकी हमलों के बाद पुलवामा का आतंकी हमला उरी से भी बड़ा है। पढ़ें आतंकियों ने कब-कब कितने बड़े हमले किए हैं।

संसद भवन पर हमला (दिसंबर, 2001), जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला (अक्टूबर 2001), इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण (दिसंबर 1999), अयोध्या और वाराणसी धमाके।

नवंबर 2008 में लश्कर-ए-तैयबा ने मुम्बई में सिलसिलेवार आतंकी हमले किए। चार दिनों तक लगातार चलने वाले इन हमलों में करीब 175 लोगों की जान गई और 300 से ज्यागा लोग घायल हुए थे।

नवंबर, 2007 में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ द्वारा लखनऊ में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह राहुल गांधी के अपहरण के लिए देश में आए थे। 15 जनवरी – दक्षिणी कश्मीर के केलर इलाके के गाडरू जंगल क्षेत्र में पांच जैश के आतंकियों को सेना द्वारा एक मुठभेड़ में ढेर किया गया। मारे गए आतंकियों में से एक जैश कमांडर मोहम्मद तोइब था जो पाकिस्तान मुल्तान का रहने वाला था जबकि बाकी के चार स्थानीय आतंकी थे।

20 मार्च 2005, जम्मू संभाग के कठुआ जिले के राजबाग पुलिस थाने पर सेना की वर्दी में फिदायीन हमला हुआ, जिसमें तीन जवान शहीद हुए। इसके अलावा एक स्थानीय नागरिक की भी इसमें मौत हुई। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकियों को भी ढेर किया गया, जबकि 10 लोग इस हमले में घायल हुए थे।

21 मार्च 2005 – दो आतंकियों ने जम्मू संभाग के सांबा जिले में सेना के एक कैंप पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने दोनों को ढेर कर दिया।

27 जुलाई 2005 – दस लोगों सहित एक एसपी उस समय शहीद हो गए जब हथियारों से लैस तीन आतंकियों ने गुरदासपुर के दीना नगर थाने पर धावा बोला। मरने वालों में तीन आतंकी, तीन स्थानीय नागरिक और चार पुलिस कर्मी थे।

04 अक्टूबर 2005 – दक्षिणी कश्मीर के हारी परिगाम ट्त्राल में जैश के दो विदेशी आतंकियों को सेना ने मुठभेड़ के दौरान ढेर किया। इनकी पहचान आदिल पठान और बर्मी के तौर पर हुई थी।

25, नवंबर 2005 – उत्तरी कश्मीर के टंगधार में सेना के कैंप पर हुए आत्मघाती हमले में एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई, जबकि तीन आतंकियों को सेना द्वारा ढेर किया गया।

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