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चिदंबरम की जमानत पर सुनवाई पूरी, थोड़ी देर में फैसला; पूर्व वित्तमंत्री ने कहा- मैंने हर सवाल के जवाब दिए

नई दिल्ली. आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गुरुवार दोपहर सीबीआई की विशेष अदालत में जस्टिस अजय कुमार कुहार के सामने पेश किया गया। सीबीआई की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने 5 दिन की कस्टडी की मांग की और कहा कि चिदंबरम ने जांच में सहयोग नहीं दिया। चिदंबरम की ओर से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की। उन्होंने कहा कि चिदंबरम जांच से कभी नहीं भागे। सिंघवी ने कहा कि अगर जांच एजेंसी 5 बार फोन करती और चिदंबरम नहीं जाते, तो यह असहयोग होता। एजेंसी ने केवल एक बार फोन किया और वे गए थे। इसमें असहयोग कहा हैं। चिदंबरम ने अदालत से कहा कि मैंने हर सवाल का जवाब दिया।सुनवाई के बाद जस्टिस अजय कुमार ने फैसला सुरक्षित रखा और वे इसे थोड़ी देर में पढ़ेंगे।

चिदंबरम को बुधवार रात 10.25 बजे सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था। रातभर वे सीबीआई के गेस्ट हाउस में ग्राउंड फ्लोर पर सुइट नंबर-5 में रहे।

सीबीआई की दलीलें

  • तुषार मेहता ने कहा- चुप रहने का अधिकार संवैधानिक है। हमें इससे कोई परेशानी नहीं है। लेकिन, चिदंबरम ने जांच में सहयोग नहीं किया। वह सवालों के जवाब से बचते रहे।
  • मेहता ने कहा- यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक क्लासिक मामला है। हम अभी प्री चार्जशीट स्टेज पर हैं। उनके पास जो जानकारियां हैं, उन्हें देने में उन्होंने सहयोग नहीं किया।
  • उन्होंने कहा कि सीबीआई के आवेदन पर पूर्व वित्त मंत्री के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था और इसी आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

चिदंबरम की तरफ से दलीलें

  • कपिल सिब्बल ने कहा- इस मामले में आरोपी कार्ति चिदंबरम हैं। जिन्हें मार्च 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने रेगुलर बेल दी थी। दूसरे आरोपियों को भी जमानत दी गई।
  • सिब्बल ने दलील दी- चार्ज शीट का ड्राफ्ट तैयार हो गया है, जांच पूरी हो गई है। फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी 6 सचिवों द्वारा दी जाती है। किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। यह कागजी दस्तावेजों का मामला है। चिदंबरम कभी भी जांच से नहीं भागे।
  • उन्होंने कहा- पिछली रात सीबीआई ने कहा कि वो चिदंबरम से पूछताछ करना चाहती है। आज दोपहर 12 बजे तक यह पूछताछ शुरू नहीं हुई थी। सीबीआई ने केवल 12 सवाल पूछे। अब तक उन्हें यह मालूम होना चाहिए था कि क्या सवाल पूछने हैं। इन सवालों का चिदंबरम से कोई लेना-देना नहीं।
  • “यह एक ऐसा मामला है, जिसका सबूतों से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि इसका किसी और चीज से ही ताल्लुक है। अगर कोई जज फैसला देने में सात महीने में लगा दे तो क्या आप इसे चिदंबरम को मिला संरक्षण कहेंगे? हम इससे असंतुष्ट हैं।”
  • अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- सीबीआई का पूरा केस इंद्राणी मुखर्जी के बयान और एक केस डायरी पर आधारित है।
  • सिंघवी ने कहा- अगर जांच एजेंसी मुझे 5 बार फोन करती और मैं नहीं जाता, तब इसे जांच में असहयोग किया जाता। जो जवाब वो सुनना चाहते हैं, उसे नहीं देना असहयोग नहीं है। उन्होंने केवल एक बार चिदंबरम को फोन किया और वे गए। यहां जांच में असहयोग कहा हैं?
  • सिंघवी ने कहा- कस्टडी में पूछताछ का हम विरोध करते हैं। सीबीआई ने सबूतों से छेड़छाड़ का कोई आरोप नहीं लगाया। चिदंबरम के भागने का खतरा नहीं है। गोलमोल जवाबों के आधार पर सीबीआई रिमांड कैसे मांग सकती है। यह कानून नहीं है।

कोर्ट ने चिदंबरम को अपनी बात रखने का मौका दिया

सुनवाई के दौरान चिदंबरम ने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन तुषार मेहता ने इसका यह कहकर विरोध कर दिया कि उनकी ओर से पैरवी करने के लिए दो वरिष्ठ वकील कोर्ट में मौजूद हैं। हालांकि, पूर्व वित्त मंत्री को अपनी बात कहने का मौका दिया गया। चिदंबरम ने कहा- आप सवालों और जवाबों को देख लीजिए। कोई भी ऐसा सवाल नहीं है, जिसका मैंने जवाब न दिया हो। उन्होंने पूछा कि क्या मेरे विदेश में खाते हैं, मैंने कहा नहीं। उन्होंने पूछा कि मेरे बेटे का विदेश में खाता है, तो मैंने कहा हां।

सीबीआई को हत्या की आरोपी इंद्राणी पर भरोसा, चिदंबरम पर नहीं- कांग्रेस
सीबीआई और ईडी की कार्रवाई पर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार ने इन एजेंसियों को बदले की कार्रवाई करने वाले विभाग में बदल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ने इस मामले में इंद्राणी मुखर्जी के बयानों पर भरोसा कर लिया, जिस पर अपनी ही बेटी की हत्या के आरोप हैं, लेकिन चिदंबरम पर नहीं।

कार्ति ने कहा- मैं इंद्राणी मुखर्जी से कभी नहीं मिला

चिदंबरम की पेशी से पहले उनकी पत्नी नलिनी और बेटे कार्ति चिदंबरम भी विशेष अदालत पहुंचे। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उनके पिता के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर्स पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी से उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। यह केवल मेरे पिता के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कार्रवाई है। मैं इसके खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करूंगा।

चिदंबरम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था-मेरे खिलाफ कोई आरोप नहीं
बुधवार कोकांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि आईएनएक्स मामले में उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है, सीबीआई और ईडी ने उनके खिलाफ कोई चार्जशीट भी दाखिल नहीं की। इसके बाद चिदंबरम कांग्रेस मुख्यालय से रवाना हो गए। सीबीआई, ईडी और दिल्ली पुलिस की टीम जोरबाग स्थित घर पर पहुंची। सीबीआई की टीम दीवार फांदकर घर में दाखिल हुई और चिदंबरम को हिरासत में लिया।

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12 दिग्गज वकील सुप्रीम कोर्ट में दिनभर घूमकर भी नहीं बचा पाए
चिदंबरम की ओर से 12 वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जस्टिस एनवी रमना से चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक की मांग की। बेंच ने सुनवाई से इनकार कर दिया। वकील रजिस्ट्रार के पास गए और याचिका चीफ जस्टिस के पास भेजने को कहा। रजिस्ट्री ने याचिका में खामियां बता दीं। दोपहर 2 बजे जस्टिस रमना ने कहा कि लिस्टिंग चीफ जस्टिस करेंगे। लिस्टिंग से पहले सुनवाई नहीं होगी। 3.40 बजे वकील चीफ जस्टिस की कोर्ट पहुंचे। 20 मिनट अयोध्या केस की सुनवाई खत्म होने का इंतजार किया। बाद में रजिस्ट्रार ने बताया कि जमानतयाचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।

वित्त मंत्री रहते हुए विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी
आरोप है कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्स को 2007 में 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। जिन कंपनियों काे फायदा हुआ, उन्हें चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चलाते हैं। सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। 2018 में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। एयरसेल-मैक्सिस डील में भी चिदंबरम आरोपी हैं। इसमें सीबीआई ने 2017 में एफआईआर दर्ज की थी।

Source: bhaskar.com

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