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टोक्यो ओलिंपिक में क्वालिफाई करने के लिए भारतीय टीम तीखा और मीठा खाना नहीं खाएगी

  • भारतीय टीम पिछले महीने हिरोशिमा में एफआईएच हॉकी सीरीज जीती थी
  • 2020 टोक्यो ओलिपिंक के लिए क्वालिफायर मुकाबले नवंबर में होंगे

Dainik Bhaskar

Jul 23, 2019, 08:41 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय महिला हॉकी टीम अब ज्यादा तीखा और मीठा नहीं खा सकेगी। महिला हॉकी खिलाड़ियों से कहा गया है कि वे अपने पसंदीदा मसालेदार खाने और मिठाइयों का आनंद न लें। यह फैसला टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए टीम की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए लिया गया है। भारतीय टीम पिछले महीने हिरोशिमा में एफआईएच हॉकी सीरीज जीती थी। टीम नवंबर में होने वाले ओलिंपिक क्वालिफायर के लिए तैयारी में जुटी है।

यह सबसे फिट भारतीय टीम : कप्तान रानी रामपाल

  1. कप्तान रानी रामपाल ने दावा किया कि यह लंबे समय में सबसे फिट भारतीय टीम है। उन्होंने इस बदलाव के लिए साइंटिफिक एडवाइजर वेन लोम्बार्ड की प्रशंसा की। रानी ने कहा, “मैं कह सकती हूं कि यह सबसे फिट भारतीय महिला हॉकी टीम है जिसे मैंने देखा है। लोम्बार्ड प्रत्येक खिलाड़ी पर बहुत मेहनत कर रहे हैं। हम सभी उनकी डाइट मेन्यू का पालन कर रहे हैं। परिणाम सभी के सामने हैं।”

  2. रानी ने कहा, “हमने मीठा, चॉकलेट्स, तीखा और ज्यादा तेल वाला खाना छोड़ दिया है। अब हम कम कार्बोहाइड्रेट वाला संतुलित आहार ले रहे हैं। इससे टीम के खिलाड़ी बेहतर महसूस कर रहे हैं। खिलाड़ी खाने के मामले में धोखा दे सकते हैं, लेकिन ऐसा लगातार नहीं कर सकते।”

  3. भारतीय कप्तान ने मजाकिया लहजे में कहा, “जापान से वापस आकर मैं मां के हाथ का बना राजमा-चावल खाना चाहती थी। उन्होंने इसकी इजाजत दी, लेकिन ऐसा लगातार नहीं कर सकते। वह हमारे लिए सीखने का अनुभव था। हम उस स्तर पर प्रदर्शन नहीं कर सके थे। उसके बाद हमारी टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया।”

  4. ओलिंपिक में भारतीय महिला टीम का बेस्ट प्रदर्शन 1980 मॉस्को में था। तब टीम इंडिया चौथे स्थान पर रही थी। इसके बाद भारतीय टीम 36 साल बाद 2016 में ओलिंपिक में पहुंची। तब 12वें स्थान पर रही थी। टीम इंडिया 5 में से 4 मैच में हारी थी। एक मुकाबला ड्रॉ कराने में सफल रही थी।

  5. ओलिंपिक में पदक जीतने की उम्मीदों पर रानी ने कहा, “सबसे पहले हमें क्वालीफाई करना होगा। मुझे यकीन है कि हम करेंगे। हमारे पास पदक जीतने की क्षमता है। आज विश्व हॉकी में रैंकिंग मायने नहीं रखती है। नीदरलैंड को छोड़कर कोई भी टीम अपने दिन किसी भी टीम को हरा सकती है।”

  6. भारतीय कप्तान ने कहा, “हमने एथलीटों हीमा दास और दुती चंद के हालिया प्रदर्शनों से प्रेरणा ली है। हीमा ने लगातार पांच स्वर्ण पदक जीते। दूती ने भी देश का सम्मान बढ़ाया। भारत खेलों में लड़कियों के सहारे आगे बढ़ रहा है। इसलिए हम क्यों पीछे रहें।”

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Source: bhaskar.com

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