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राजनाथ ने कहा- मोदी-ट्रम्प के बीच जून में बातचीत हुई थी, लेकिन इसमें कश्मीर का मुद्दा नहीं उठा था

  • रक्षा मंत्री ने कहा- जून में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां मौजूद थे
  • उन्होंने कहा- जयशंकर संसद में बयान देकर इस बारे में स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं, कश्मीर में मध्यस्थता भारत को स्वीकार्य नहीं
  • कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के बयान के बाद सदन से वॉकआउट किया, इस मुद्दे पर संसद में लगातार दूसरे दिन हंगामा
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान की मौजूदगी में कहा था- मोदी ने कश्मीर के मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी

Dainik Bhaskar

Jul 24, 2019, 03:22 PM IST

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कश्मीर पर मध्यस्थता वाले बयान पर बुधवार को दूसरे दिन भी लोकसभा में हंगामा हुआ। विपक्ष ने सदन में ‘मोदी जवाब दो’ के नारे लगाए। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, “विदेश मंत्री जयशंकर इस मामले पर बयान दे चुके हैं। मैं जयशंकर जी के बयान को प्रामाणिक मानता हूं। ट्रम्प और मोदीजी के बीच जून में बातचीत हुई थी और उस वक्त जयशंकर जी वहीं मौजूद थे।”

लोकसभा में गैर-कानूनी गतिविधि निवारण संशोधन (यूएपीए) विधेयक, 2019 बिल पर भी चर्चा हुई। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जब आप (विपक्ष) हम पर सवाल उठाते हैं, कोई नहीं देखता कि कानून में बदलाव कर इसे मजबूत किसने बनाया। आपके सत्ता में रहते यह विधेयक लाया गया था, आज हम आंतकवाद के खिलाफ मजबूत कानून बना रहे है तो यह भी सही है। गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रावधान है। अमेरिका, पाकिस्तान, चीन, इजरायल और यूरोपियन यूनियन समेत सभी में है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं कांग्रेस को इसके लिए जिम्मेदार मानता हूं। कांग्रेस यूएपीए कानून लाने के लिए असली दोषी है। वे इस कानून को तब लाए थे, जब सत्ता में भाजपा से ज्यादा ताकतवर थे। अब हार गए हैं तो मुस्लिमों के बड़े भाई बनना चाहते हैं।

कश्मीर हमारे लिए स्वाभिमान का मुद्दा: राजनाथ

राजनाथ ने कहा कि अगर पाक से कश्मीर मुद्दे पर बात होगी तो सिर्फ कश्मीर ही नहीं बल्कि ‘पाक अधिकृत कश्मीर’ भी शामिल होगा। राजनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले कहा जा रहा था कि सत्तापक्ष जवाब देगा तो वो सुनेंगे। लेकिन विदेश मंत्री के बाद मैं भी जवाब दे रहा हूं और वे सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। कश्मीर पर किसी की मध्यस्थता स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। कश्मीर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान का मुद्दा है। हम कभी अपने राष्ट्रीय स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकते। इस बीच कांग्रेस सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर संसद में आकर जवाब दें। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव भी दिया।

विदेश मंत्री जयशंकर पहले ही पक्ष रख चुके हैं

ट्रम्प ने सोमवार को पाक पीएम इमरान के साथ बैठक के दौरान दावा किया था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया मुलाकात में उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए कहा। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को राज्यसभा में इस मामले में सरकार का पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि भारत की स्थिति साफ रही है कि पाकिस्तान के साथ कोई भी मुद्दा द्विपक्षीय तरीके से ही सुलझाया जाएगा। पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत के लिए उसका सीमा पार आतंकवाद बंद करना जरूरी है।

Source: bhaskar.com

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