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येदियुरप्पा के लिए मंत्रिमंडल गठन बड़ी चुनौती; मंत्री पद 34, बागियों समेत 56 विधायक दावेदार

  • येदियुरप्पा चौथी बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं, दिल्ली में वरिष्ठ नेता शाह और नड्डा से मिले
  • कर्नाटक के मंत्रिमंडल में स्वीकृत मंत्री पद 34 हैं, इनमें मुख्यमंत्री का पद भी शामिल
  • मंत्री पद के दावेदार 3 या इससे ज्यादा चुनाव जीत चुके हैं, येदि वरिष्ठों और बागियों को नाराज करना नहीं चाहते
  • 23 जुलाई को कुमारस्वामी बहुमत साबित नहीं कर पाए थे, 14 महीने में कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिरी

Dainik Bhaskar

Jul 25, 2019, 08:09 PM IST

नई दिल्ली. कर्नाटक में सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। भाजपा नेता जगदीश शेट्टार और अरविंद लिम्बावली समेत वरिष्ठ नेता अमित शाह और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले। सरकार बनाने पर अंतिम फैसला संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। इस बीच, भावी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के लिए मंत्रिमंडल का गठन सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 बागियों समेत 56 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने 3 या इससे ज्यादा चुनाव जीते हैं। इन सभी को उम्मीद है कि नई सरकार में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या फिर बड़ा रोल। लेकिन, कर्नाटक में मुख्यमंत्री समेत केवल 34 पद स्वीकृत हैं। बताया जा रहा है कि येदि बागियों समेत इन वरिष्ठों को भी नाराज करना नहीं चाहते। 

केंद्रीय नेतृत्व की सलाह पर फैसले लिए जाएंगे

बीएस येदियुरप्पा चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, पार्टी उनके नाम के ऐलान को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रही है। अरविंद लिम्बावली ने कहा कि आपने कर्नाटक के हालात देखे हैं। नई सरकार बननी है, इसके लिए हम अपने राष्ट्रीय प्रतिनिधियों से चर्चा करनी है। उनकी सलाह से आगे फैसले लिए जाएंगे। पार्टी किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। येदियुरप्पा भी कह चुके हैं कि वह केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार को वे बेंगलुरु के संघ कार्यालय पहुंचे और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लिया।

क्या बागियों के इस्तीफे पर फैसले को लेकर देरी हो रही?
प्रतिनिधिमंडल से पूछा गया कि क्या भाजपा 15 बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला आने का इंतजार कर रही है। इसलिए सरकार के गठन में देरी हो रही है? इस पर लिम्बावली ने कहा कि अभी तो यह कोई मुद्दा नहीं है, आगे हो भी सकता है। हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे, इसमें कोई दोराहे नहीं। लेकिन वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी में कुछ देरी हो सकती है। इस्तीफा देने वाले कांग्रेस-जेडीएस के 15 विधायक मुंबई में ठहरे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार बनने के बाद भी वे बेंगलुरु लौटेंगे।

चार दिन चर्चा के बाद फ्लोर टेस्ट में फेल हुए थे कुमारस्वामी
चार दिन चली चर्चा के बाद मंगलवार शाम को कुमारस्वामी सरकार फ्लोर टेस्ट में फेल हो गई थी। विश्वास मत के दौरान स्पीकर को हटाकर सदन में विधायकों की संख्या 204 थी और बहुमत के लिए 103 का आंकड़ा जरूरी था। कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में 99 वोट पड़े, जबकि विरोध में 105 वोट पड़े। कुमारस्वामी 14 महीने से 116 विधायकों के साथ सरकार चला रहे थे, लेकिन इसी महीने 15 विधायक बागी हो गए। यहीं से सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ गई थीं।

Source: bhaskar.com

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