दुनिया

अमेरिका ने कहा- वक्त बर्बाद न करे डब्लूएचओ, वो ये पता लगाए कि कोरोनावायरस कहां से शुरू हुआ और कैसे फैला

दुनिया में अब तक 52लाख 62 हजार 091 लोग संक्रमित हैं। 21 लाख 25 हजार 053 लोग ठीक हुए हैं। मौतों का आंकड़ा 3 लाख 37हजार 809 हो गया।महामारी को लेकर अमेरिका का रुख डब्लूएचओ के लिए ज्यादा सख्त हो गया है। संगठन को चीन की कठपुतली बताने और फंडिंग रोकने के बाद अब अमेरिका ने साफ कर दिया है कि डब्लूएचओ को वायरस की शुरुआत और उसके फैलने की जांच करना होगी।

अमेरिका : कोरोनावायरस की जांच करे डब्लूएचओ

अमेरिका ने एक बार फिर डब्लूएचओ पर दबाव बढ़ा दिया है। हेल्थ मिनिस्ट्री में असिस्टेंट सेक्रेटरी ने डब्लूएचओ को लिखे पत्र में कहा, ‘वक्त बर्बाद क्यों किया जा रहा है। डब्लूएचओ फौरन जांच शुरू करे कि कोरोनावायरस कहां से शुरू हुआ। इसके बाद यह कैसे फैला? राष्ट्रपति 18 मई को डब्लूएचओ के डायरेक्टर को पत्र में सारी बातें साफ कर चुके हैं। हम स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।’

अफ्रीकी महाद्वीप : संक्रमित अब एक लाख से ज्यादा
अफ्रीकी महाद्वीप में संक्रमितों की संख्या शुक्रवार को एक लाख से ज्यादा हो गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमितों की संख्या गुरुवार के 95 हजार 201 आंकड़े से बढ़कर शुक्रवार को 1 लाख 330 हो गई। 24 घंटे में 5129 नए मामले सामने आए। मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हजार 101 हो गई।

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन से फायदा नहीं

लेंसेट जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन या क्लोरोक्विन दवा से कोई फायदा नहीं होता। आमतौर पर इस दवा का इस्तेमाल आर्थराइटिस के लिए किया जाता है। लेकिन, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वो खुद हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन टेबलेट लेते हैं। इसके बाद हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन और क्लोरोक्विन के फायदों पर नई बहस शुरू हो गई।

ब्रिटेन : 14 दिन सेल्फ आईसोलेशन में रहना होगा

होम सेक्रेटरी प्रीति पटेल ने शुक्रवार को कहा कि 8 जून से जो भी व्यक्ति ब्रिटेन आएगा, उसे 14 दिन सेल्फ आईसोलेशन में रहना होगा। प्रीति ने कहा, “जो भी लोग 8 जून से ब्रिटेन आएंगे। उन्हें 14 दिन सेल्फ आईसोलेशन में रहना होगा। सिर्फ उन्हें इससे अलग रखा जाएगा जो छूट के दायरे में आते हैं।” ब्रिटिश सरकार ने यात्रा से संबंधित नए नियम भी जारी किए हैं। नियम तोड़ने वालों को जुर्माना भी देना होगा।

ब्रिटेन : 1 जून से स्कूल खोलना मुश्किल

ब्रिटेन सरकार एक जून से कुछ स्कूल खोलने पर विचार कर रही है। लेकिन, मेडिकल एक्सपर्ट्स ने ऐसा न करने की सलाह दी है। ब्रिटिश सरकार के पूर्व साइंस एडवाइजर डेविड किंग ने कहा- पहले यह देखा जाना चाहिए कि हमारे देश में संक्रमण कितना कम हुआ। अगर बिना तैयारी के स्कूल खोल दिए जाएंगे तो यह खतरनाक हो सकता है। मुझे लगता है कि यह खतरनाक साबित हो सकता है।

ब्रिटिश सरकार के पूर्व साइंस एडवाइजर डेविड किंग ने बोरिस जॉनसन सरकार को स्कूल फिलहाल न खोलने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, ये कदम अभी खतरनाक हो सकता है।

जॉर्डन : एक शादी से फैला संक्रमण

जॉर्डन यूनिवर्सिटी के मुताबिक, देश के इरबिड शहर में 13 मार्च को एक शादी हुई थी। इसमें शामिल एक संकमित की वजह से 85 लोग संक्रमित हुए। शादी में कुल 360 मेहमान शामिल हुए थे। इसके चार हफ्ते बाद यहां संक्रमण तेजी से बढ़ा और लॉकडाउन के हालात पैदा हुए। अब तक यहां कुल 684 मामले सामने आ चुके हैं। 9 लोगों की मौत हुई है।

जॉर्डन के एक स्टेशन पर मौजूद महिलाएं। यहां एक रिसर्च में बताया गया है कि 13 मार्च को एक शादी समारोह से देश में संक्रमण फैला।

दक्षिण कोरिया : 25 मई से फिर स्कूल खुलेंगे
इंचेन प्रांत में 20 मई को स्कूल खुले थे। दो घंटे बाद ही इन्हें बंद करना पड़ा क्योंकि दो छात्र पॉजिटिव पाए गए थे। 972 छात्रों की जांच हुई। स्कूलों को सैनिटाइज किया गया। अब 25 मई से इन्हें फिर खोले जाने का ऐलान किया गया है। एजुकेशन मिनिस्ट्री ने कहा- संक्रमण स्थानीय स्तर पर न फैले। इसके लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं। देश में कुल 11 हजार 142 मामले सामने आ चुके हैं। 264 लोगों की मौत हुई है।

तस्वीर दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के एक स्कूल की है। दो स्टूडेंट्स कोहनी टकराकर मिल रहे हैं। सियोल के करीब इंचेन में दो छात्र संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद 20 मई को खुले स्कूल उसी दिन बंद कर दिए गए थे। अब ये 25 मई से फिर खोले जाएंगे।

ग्वाटेमाला : भूख के लिए सफेद झंडा

ग्वाटेमाला में सिर्फ महामारी ही संकट नहीं है। लोग आंतरिक हिंसा की वजह से भी मारे जा रहे हैं। ‘द गार्डियन’ के मुताबिक, अब यहां की सड़कों पर लोगों की कतारें दिख रही हैं। इनके हाथ में अलग-अलग रंग के झंडे रहते हैं। सफेद झंडे का मतलब लोग भूखे हैं, उन्हें खाना चाहिए। लाल झंडा दवाई की जरूरत बताता है। काले, पीले या नीले रंग का अर्थ है कि महिला, बच्चा या बुजुर्ग खतरे में हैं।

ऑस्ट्रेलिया :17 सितंबर तक नहीं आ सकेंगे विदेशी क्रूज

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने शुक्रवार को विदेशी क्रूज के अपने जलक्षेत्र में प्रवेश पर रोक 17 सितंबर तक बढ़ा दी। 17 मार्च को सिडनी मेंरूबी प्रिंसेज क्रूज से संक्रमण फैला था। इसके बाद100 से ज्यादा यात्रियों को लाने वाले किसी भी जहाज केऑस्ट्रेलियाई समुद्री सीमा में आने पर रोक लगा दी गई थी। ये 31 मई को खत्म हो रही थी। लेकिन, इसके पहले ही इसे 17 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित ओेपेरा हाउस के पास लोग टहलते नजर आए। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने लॉकडाउन के नियमों में राहत दी है।

ब्रिटेन : वैक्सीन का दूसरा ट्रायल
कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटीब्रिटेन कीऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कहा है कि वो इंसानों पर दूसरे चरण का ट्रायल जल्द शुरू करेगी। यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को बताया कि इस ट्रायल में 10 हजार 260 लोगों को शामिल किया जाएगा। 1 हजार से ज्यादा इम्युनाइजेशन के साथ यूनिवर्सिटी पहले चरण का ट्रायल पूरा कर चुकीहै।

इस बार ईद पर नहीं खुलेगा इंडोनेशिया का राष्ट्रपति भवन
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने ईद के मौके पर राष्ट्रपति भवननहीं खोलने की घोषणा की है। इस बार ईद रविवार को है। राष्ट्रपति ने सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया। परंपरा के मुताबिक, हर साल ईद के मौके पर हजारों लोग प्रेसिडेंशियल पैलेस पहुंचते थे। राष्ट्रपति से हाथ मिलाते थे और उन्हें ईद की मुबारकबाद देते थे।

इंडोनेशिया के जकार्ता में लॉकडाउन के बावजूद बाहर निकलने पर पूछताछ करते पुलिसकर्मी।

अमेरिका : संक्रमण कीदूसरीलहर में बंद नहीं होगा देश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि देश को संक्रमण की दूसरी लहर में बंद नहीं किया जाएगा। ट्रम्प ने कहा- कभी न खत्म होने वालेलॉकडाउन सेस्वास्थ्य का संकट बढ़ेगा। हमारे पास मजबूत अर्थव्यवस्था होनी चाहिए। स्थाई लॉकडाउन किसी देश या राज्य की रणनीति नहीं होती। हमारादेश शटडाउन के लिए नहीं है।

ट्रम्प ने का फिर मास्क पहनने से इनकार

ट्रम्प ने गुरुवार को मिशिगन में फोर्ड के प्लांट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कैमरे के सामने मास्क पहनने से मना कर दिया। साथ ही कहा कि वे मीडिया को ऐसा करते देखने का आनंद नहीं दे सकते। उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट किया- कोरोना से मरने वालों के सम्मान में अगलेतीन तक दिन सभी सरकारी बिल्डिंग और राष्ट्रीय धरोहरों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाया जाएगा।

कोरोनावायरस : 10 सबसे ज्यादा प्रभावित देश

देश

कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 16,32,629 97,102 3,85,270
रूस 3,26,448 3,249 99,825
ब्राजील 3,10,921 20,082 1,25,960
स्पेन 2,80,117 27,940 1,96,958
ब्रिटेन 2,50,908 36,042 उपलब्ध नहीं
इटली 2,28,006 32,486 1,34,560
फ्रांस 1,81,575 28,132 63,354
जर्मनी 1,79,021 8,309 1,58,000
तुर्की 1,53,548 4,249 1,14,990
ईरान 1,29,341 7,249 100,564

ये आंकड़ेhttps://www.worldometers.info/coronavirus/ से लिए गए हैं।

अमेरिका: 25 हजार नए केस मिले

अमेरिका में गुरुवार को 25 हजार 294 नए मामले सामने आए और 1263 लोगों की मौत हो गई।देश में संक्रमितों की संख्या 16 लाख 20 हजार से ज्यादा हो गई है। यहां अब तक 96 हजार 355मौतें हुई हैं। वहीं,3 लाख 82 हजार 169 लोग ठीक हुए हैं।

पाकिस्तान : संक्रमितों का आंकड़ा 50 हजार के पार

पाकिस्तान में शुक्रवार को 2 हजार 603 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही यहां संक्रमितों की संख्या 50 हजार के पार हो गई।पिछले 24 घंटे में 50 मौतें होने के साथदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या1 हजार 67 हो गई है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने पेशावर के बाशा खान अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही शुरू करने की घोषणा की।

पाकिस्तान के कराची रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक महिला का टेम्परेचर चेक करता हेल्थ वर्कर।

सिंगापुर : संक्रमितों की संख्या 30 हजार के पार

सिंगापुर में पिछले 24 घंटे में 614 नए मामले सामने आए। देश में अब संक्रमितों की संख्या 30 हजार के पार हो गई। ज्यादा तादाद प्रवासी मजदूरों की है। ये डोरमेट्रीज में रहते हैं। अप्रैल में इन डोरेमेट्रीज में संक्रमण का पहला मामला सामने आया था।इसके बाद से हर दिन करीब 400 से 800 नए मामले सामने आ रहे हैं।

सिंगापुर के एक मॉल में अल्ट्रावॉयलेट किरणों से वायरस डिसइनफेक्ट करने वाला रोबोट को कंट्रोल करते कर्मचारी।

ब्राजील: 20 हजार से ज्यादा मौतें

ब्राजील में कोरोना से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 20 हजार के पार हो गई। बुधवार को यहां 1188 लोगों की जान गई है, जबकि 18 हजार 508 नए मामले सामने आए हैं। यहां संक्रमितों की संख्या तीन लाख 10 हजार 921 पहुंच गई है। अमेरिका और रूस के बाद ब्राजील तीसरा सबसे ज्यादा संक्रमित देश है।

ब्राजील में कम सैलरी को लेकर प्रदर्शन करते स्वास्थ्यकर्मी। यहां गुरुवार को18 हजार 508 नए मामले सामने आए हैं।

इटली: मौतों की संख्या ज्यादा हो सकती है
इटली में अब तक 32 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इटली के नेशनल सोशल सिक्यॉरिटी एजेंसी ने कहा कि देश में मार्च और अप्रैल में जितनी मौतें बताई गईं हैं उनसे 19 हजार ज्यादा लोगों की मौत होने का अनुमान है। सरकारी आंकड़े भरोसे लायक नहीं हैं।

तस्वीर इटली के नेपल्स की है। देश में लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील देते हुए दोबारा रेस्टोरेंट खोल दिए गए हैं।

मैक्सिको: 2,973 नए मामले
लैटिन अमेरिकी देश मैक्सिको में 24 घंटेमें 2,973 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमिताें की संख्या बढ़कर 59,567 हो गई है। इस दौरान महामारी से 420 लोगों की मौत हुई। अब यहं मरने वालोंकी संख्या 6,510 हो गई है। उप स्वास्थ्य मंत्री ह्यूगो लोपेज-गटेल ने रविवार को कहा था कि पिछले एक सप्ताह के दौरान कोरोना से बुरी तरह प्रभावित राजधानी मैक्सिको सिटी और अन्य शहरों में स्थिति धीरे-धीरे सुधरने लगी है। यहां 16 अप्रैल को लगी लॉकडाउन 30 मई तक बढ़ाने की घोषणा की गई है।

मैक्सिको सिटी में एक संदिग्ध मरीज को अस्पताल से जाते स्वास्थ्यकर्मी। देश में मरीजों की संख्या 59,567 हो गई है।

चिली: 57,581 संक्रमित
चिली में महामारी के 57,581 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 589 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार देश में 24 घंटेमें संक्रमण के 3964 नए मामले सामने आए हैं, जबकि45 मरीजों की मौत हो गई है। यह देश में महामारी का प्रकोप शुरू होने के बाद से एक ही दिन का ज्यादा मामलाहै। स्वास्थ्य मंत्री जैमे मनालीच ने बताया कि देश में अभी भी वेंटिलेटरों की संख्या बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। हम 6 नए वेंटिलेटर लाए हैं। अगले कुछ दिनों में चार और अगले हफ्ते में 10 अतिरिक्त वेंटिलेटर लाए जाएंगे।

यमन: अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद की गुहार

यमन में सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में 13 नए मामले सामने आए हैं। यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 193 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि सरकार के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में 10 अप्रैल को पांच लोग ठीक हो चुके हैं। मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। अदन समेत कई शहरों में आंशिक कर्फ्यू लगाया गया है। यहां की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद की गुहार लगाई है।

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अमेरिका ने डब्लूएचओ को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन वक्त बर्बाद करने से बाज आए और ये पता लगाए कि कोरोनावायरस कहां से शुरू हुआ और दुनिया में कैसे फैला।

Source: bhaskar.com

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