दुनिया

चार साल पहले विमान हादसे के बाद जब पहली बार एटीआर-42 विमान उड़ान भरने वाला था तो पीआईए ने सुरक्षित उड़ान के लिए बकरे की बलि दी थी

7 दिसंबर 2016 को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) का एक पैसेंजर विमान (एटीआर-42) क्रैश हुआ था। इसमें 47 यात्री मारे गए थे। इस घटना के फौरन बाद पाकिस्तान की सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीसीए) ने सभी एटीआर-42 विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी थी। इन विमानों को शेकडाउन टेस्ट के लिए जमीन पर खड़ा कर दिया गया था। इसके 12 दिन बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई थी, जो पाकिस्तान के साथ-साथ दुनियाभर में बड़ी चर्चित रही। यह तस्वीर थी एटीआर-42 विमान पर लगी रोक के बाद पहली उड़ान की।

19 दिसंबर 2016 को बेनजीर भुट्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के लिए एटीआर-42 विमान को हरी झंडी दिखाई गई। विमान उड़ने के लिए तैयार ही था कि उससे पहले पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के कर्मचारियों ने इस विमान के नजदीक एक काले बकरे की बलि दे डाली। यह कारनामा इसलिए किया गया ताकि 12 दिन बाद होने वाली यह पहली उड़ान सफल और सुरक्षित रहे।

बकरे की बलि के बाद विमान ने इस्लामाबाद से शाम 6.40 पर मुल्तान के लिए उड़ान भरी और 9.45 पर यह वापस इस्लामाबाद आ गया लेकिन तब तक तस्वीरें सुर्खियां बटोर चुकीं थीं। पीआईए के प्रवक्ता ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि बकरे की बलि देना कर्मचारियों का अपना फैसला था, इसमें एयरलाइंस मैनेजमेंट का कोई हाथ नहीं है।

पाकिस्तान में सीसीए ने जब एटीआर-42 विमानों की उड़ान पर रोक लगाई थी तो ग्वादर, तुरबद, पंजगुर, मोहनजोदारो, जोब, बहावलपुर, चित्रल और गिलगिट जैसे शहरों से कई उड़ाने कई दिनों तक बाधित रहीं। हालांकि बकरे की इस बलि के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान ने अपने सभी 10 एटीआर-42 विमानों को टेस्ट में क्लियरेंस दिया और वे फिर उड़ान भरने लगे।

7 दिसंबर 2016 को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एटीआर-42 विमान हवेलियां के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। यह चितराल से इस्लामाबाद जा रहा था। इसमें सवार सभी 47 लोगों की मौत हो गई थी।

दिसंबर 2016 के पहले हफ्ते में हुए प्लैन क्रैश ने पीआईए पर कई सवाल खड़े किए थे। दरअसल, इससे पहले भी पाकिस्तान में समय-समय पर कई बड़े विमान हादसे होते रहे हैं।साल 2006 में भी पीआईए का एकविमान क्रैश हुआ था। इसमें 44 लोग मारे गए थे। इसके बाद यूरोपीय संघ ने साल 2007 में पीआईए विमानों की यूरोप में उड़ान पर रोक भी लगा दी थी। साल 2010 में इस्लामाबाद के पास प्राइवेट एयरलाइंस एयरब्लू का यात्री विमान क्रैश हुआ था। इसमें सवार सभी 152 यात्रियों की मौत हो गई थी। यह पाकिस्तान के इतिहास का सबसे दर्दनाक और भयानक प्लैन क्रैश था। 2 साल बाद ही यानी 2012 में एक और बड़ा प्लैन क्रैश हुआ। पाकिस्तान भोजा एयरलाइंस का बोइंग-737 विमान रावलपिंडी की ओर जा रहा था। खराब मौसम के कारण यह रास्ते में ही क्रैश हो गया। सभी 121 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई।

4 साल बाद 2016 में 47 लोग मारे गए और अब फिर से 4 साल के अंतराल में एक और बड़ा हादसा हो गया। इस बार कराची के रिहाइशी इलाके में विमान क्रैश हुआ है। पीआईए की फ्लाइट पीके 8303 लाहौर से कराची आ रही थी। एयरपोर्ट से एक किलोमीटर की दूरी पर और लैंडिंग से करीब एक मिनट पहले प्लेन का इंजन फेल हो गया। उसमें आग लग गई और वह जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही क्रैश हो गया। प्लेन में 91 यात्री और 7 क्रू मेंबर में सवार थे। इनमें 51 पुरुष, 31 महिलाएं और 9 बच्चे शामिल थे। सभी की मौत हो गई। यह प्लेन ए-320 था और करीब 15 साल पुराना था।

22 मई 2020 की शाम पीआईए का प्लेन 15 घरों को नुकसान पहुंचाते हुए क्रैश हुआ। हादसे के बाद आग बुझाती फायर ब्रिगेड।

इस बीच पाकिस्तान में कई छोटे-बड़े प्लैन क्रैश भी होते रहे हैं:

1)पांच नवंबर, 2010- कराची में टेक-ऑफ के कुछ ही समय बाद एक ट्विन इंजन वाला प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें इटली की एक ऑयल कंपनी का स्टाफ था। हादसे में 21 लोग मारे गए।
2) 28 नवंबर, 2010- कराची से उड़ान भरने के बाद जॉर्जियन एयरलाइन सनवे का एलुशइनआईएल-76 कार्गो विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 12 लोग मारे गए।
3) आठ मई, 2015- पाकिस्तानी सेना का एक हेलीकॉप्टर गिलगित में क्रैश हो गया। इस दौरान आठ लोग मारे गए। इसमें नार्वे, फिलिपींस, इंडोनेशिया के राजदूत और मलेशिया और इंडोनेशिया के दूत की पत्नी भी शामिल थीं।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

तस्वीर 19 दिसंबर 2016 की है। इस्लामाबाद के बेनजीर भुट्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एटीआर-42 विमान की सुरक्षित उड़ान के लिए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के कर्मचारियों ने काले बकरे की बलि दी थी।

Source: bhaskar.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *